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पाठ का सारांश हिन्दी में लिखिए : गुरुनानकदेवः

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किसी महापुरुष पर सारांश लिखते समय उनके जन्म, मुख्य शिक्षाओं, सामाजिक सुधारों और उनके द्वारा स्थापित परंपरा या धर्म पर ध्यान केंद्रित करें। इससे एक संतुलित और पूर्ण सारांश तैयार होता है।
Updated On: Nov 17, 2025
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Solution and Explanation

सारांश:
गुरु नानक देव सिख धर्म के संस्थापक और सिखों के प्रथम गुरु थे। उनका जन्म 1469 ई. में तलवंडी (अब ननकाना साहिब, पाकिस्तान) में हुआ था। वे बचपन से ही आध्यात्मिक चिंतन में लीन रहते थे।
गुरु नानक देव ने समाज में व्याप्त अंधविश्वासों, जाति-पाति के भेदभाव और धार्मिक कर्मकांडों का खंडन किया। उन्होंने 'एक ओंकार' का संदेश दिया, जिसका अर्थ है कि ईश्वर एक है। उनकी शिक्षाएँ समानता, भाईचारे, ईमानदारी से श्रम करने ('किरत करो'), नाम जपने ('नाम जपो') और जरूरतमंदों की मदद करने ('वंड छको') पर आधारित थीं।
उन्होंने अपने विचारों के प्रचार के लिए दूर-दूर तक यात्राएँ कीं, जिन्हें 'उदासियाँ' कहा जाता है। इन यात्राओं के दौरान उन्होंने हिन्दू और मुस्लिम दोनों धर्मों के संतों से संवाद किया। उनकी शिक्षाएँ और वाणी 'गुरु ग्रंथ साहिब' में संकलित हैं, जो सिखों का पवित्रतम ग्रंथ है। गुरु नानक देव का जीवन और दर्शन आज भी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
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