Step 1: Understanding the Question:
'नमस्ते' शब्द में कौन सी संधि है, यह बताना है।
Step 2: Key Concept:
विसर्ग संधि का नियम "विसर्जनीयस्य सः" कहता है कि यदि विसर्ग (:) के बाद खर् प्रत्याहार (वर्गों के पहले, दूसरे वर्ण और श्, ष्, स्) का कोई वर्ण आए, तो विसर्ग को 'स्' हो जाता है।
Step 3: Detailed Explanation:
'नमस्ते' का सन्धि-विच्छेद है: नमः + ते।
यहाँ विसर्ग (:) के बाद 'त्' (तवर्ग का पहला वर्ण) आया है, जो खर् प्रत्याहार में आता है।
अतः, नियम के अनुसार विसर्ग (:) का 'स्' हो जाएगा।
नमः + ते = नमस् + ते = नमस्ते।
चूँकि यह परिवर्तन विसर्ग में हुआ है, इसलिए यह विसर्ग संधि है।
अतः, विकल्प (A) सही है।