Question:

निम्नलिखित संस्कृत गद्यावतरण का सन्दर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए : 
गद्यांश : 
तस्य तां वार्ता श्रुत्वा सः चतुरः ग्रामिणः अकथयत् – "भोः वयं अशिक्षिताः, भवान् च शिक्षितः; वयं अल्पज्ञाः, भवान् च बहुज्ञः। इत्थं विज्राय अस्माभिः समयः कर्त्तव्यः। वयं परस्परं प्रहेलिकाः प्रश्न्यामः। यदि भवान् उत्तरं दातुं समर्थः न भविष्यति तदा भवान् दशरूप्यकाणां दास्यति। यदि वयं उत्तरं दातुं समर्थाः न भविष्यामः तदा दशरूप्यकाणामर्धं पञ्चरूप्यकाणि दास्यामः।"

Show Hint

अनुवाद करते समय वाक्य का अर्थ, भावना और पात्रों का लहजा — तीनों का ध्यान रखना चाहिए।
Updated On: Oct 28, 2025
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

अनुवाद:
उस (शिक्षित व्यक्ति) की यह बात सुनकर चारों ग्रामवासी बोले —
“भाई! हम लोग अशिक्षित हैं, और आप शिक्षित हैं; हम कम जानते हैं और आप बहुत कुछ जानते हैं। इसलिए अब हमें किसी निश्चय पर पहुँचना चाहिए। चलिए, हम सब एक-दूसरे से पहेलियाँ पूछेंगे। यदि आप उत्तर देने में असमर्थ होंगे, तो आपको हम लोगों को दस रूपये देने होंगे। परंतु यदि हम उत्तर देने में असमर्थ होंगे, तो हम आपको पाँच रूपये देंगे।”
भावार्थ: इस गद्यांश में ग्रामवासी शिक्षित व्यक्ति से संवाद कर रहे हैं। वे अपनी अज्ञानता को स्वीकार करते हुए एक निष्पक्ष शर्त रखते हैं। यह प्रसंग मनुष्य की चतुराई, समानता की भावना और व्यवहारिक बुद्धिमत्ता को दर्शाता है।
Was this answer helpful?
0
0

Top UP Board X संस्कृत गद्यांश Questions

View More Questions