निम्नलिखित में से कौन प्रगतिवादी युग का कवि नहीं हैं?
Step 1: साहित्यिक युगों की पहचान.
प्रगतिवादी युग हिंदी साहित्य में 1936 के बाद का काल माना जाता है, जिसमें कवियों ने समाज, राजनीति और मजदूर-जीवन पर आधारित कविताएँ लिखीं।
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण.
(A) नागार्जुन – प्रगतिवादी युग के प्रमुख कवि।
(B) त्रिलोचन – प्रगतिवादी और जनवादी कवि।
(C) केदारनाथ अग्रवाल – प्रगतिवादी युग के कवि।
(D) भारतेंदु हरिश्चन्द्र – सही उत्तर। ये 'भारतेन्दु युग' के कवि और गद्यकार थे, प्रगतिवादी युग के नहीं।
Step 3: निष्कर्ष.
सही उत्तर है (D) भारतेंदु हरिश्चन्द्र।
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
'साहित्य और कला' रचना है :
शुक्लोत्तर - युग के लेखक हैं :
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
'साहित्य और कला' रचना है :
शुक्लोत्तर - युग के लेखक हैं :