Step 1: Understanding the Question:
यह प्रश्न हार्मोन की रासायनिक प्रकृति (पेप्टाइड बनाम स्टेरॉयड) और उनके विशिष्ट ग्राहियों (receptors) के प्रकारों से संबंधित है।
हमें पुटिका प्रेरक हार्मोन (FSH) और एस्ट्रोजेन की कार्यविधि की तुलना करनी है।
Step 2: Key Formula or Approach:
1. पेप्टाइड/प्रोटीन हार्मोन (जैसे FSH) जल-घुलनशील होते हैं और कोशिका झिल्ली को पार नहीं कर सकते। इसलिए वे झिल्ली-योजित ग्राहियों से जुड़ते हैं और द्वितीयक दूत (secondary messengers) जैसे चक्रिय AMP (\(cAMP\)) का निर्माण करते हैं।
2. स्टेरॉयड हार्मोन (जैसे एस्ट्रोजेन) लिपिड-घुलनशील होते हैं और कोशिका झिल्ली को आसानी से पार कर जाते हैं। वे सीधे कोशिका के भीतर अंतरकोशिकीय ग्राहियों (intracellular receptors) से जुड़कर कार्य करते हैं।
Step 3: Detailed Explanation:
• पुटिका प्रेरक हार्मोन (FSH): यह एक ग्लाइकोप्रोटीन हार्मोन है। यह कोशिका की सतह पर स्थित झिल्ली-योजित ग्राहियों से बंधता है। इसके बाद यह कोशिका के भीतर एक द्वितीयक दूत, चक्रिय AMP (\(cAMP\)), का उत्पादन करता है जो कोशिकीय प्रतिक्रियाओं को प्रेरित करता है।
• एस्ट्रोजेन (Estrogen): यह एक स्टेरॉयड हार्मोन है। लिपिड-घुलनशील होने के कारण यह सीधे कोशिका झिल्ली को पार कर जाता है और केंद्रक के भीतर स्थित अंतरकोशिकीय ग्राहियों से जुड़ता है। यह हार्मोन-ग्राही सम्मिश्र सीधे जीन अभिव्यक्ति और प्रोटीन संश्लेषण का नियमन करता है।
अतः, विकल्प (A) इन दोनों हार्मोनों के कार्य करने के तरीकों का सही वैज्ञानिक विवरण प्रस्तुत करता है।
Step 4: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (A) है क्योंकि यह हार्मोनों की रासायनिक प्रकृति के अनुसार उनकी सही कार्यविधि को दर्शाता है।