Question:

निम्नलिखित कवियों में से किसी एक कवि का जीवन-परिचय देते हुए उनकी एक प्रमुख रचना का उल्लेख कीजिए : (i) सूरदास (ii) मैथिलीशरण गुप्त (iii) महादेवी वर्मा 
 

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किसी कवि या लेखक को मिली उपाधियों (जैसे - 'आधुनिक युग की मीरा') और उन्हें प्राप्त पुरस्कारों (जैसे - ज्ञानपीठ, पद्म भूषण) का उल्लेख करने से जीवन-परिचय अधिक प्रभावशाली बनता है।
Updated On: Nov 10, 2025
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Solution and Explanation

Step 1: जीवन-परिचय
वेदना की गायिका और 'आधुनिक युग की मीरा' के नाम से विख्यात महादेवी वर्मा का जन्म सन् 1907 ई. में उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद नगर में हुआ था। इनके पिता का नाम श्री गोविन्द सहाय वर्मा और माता का नाम हेमरानी देवी था। इनकी प्रारम्भिक शिक्षा इंदौर में और उच्च शिक्षा प्रयाग में हुई। इन्होंने संस्कृत में एम.ए. की परीक्षा उत्तीर्ण की। इनका विवाह छोटी आयु में ही हो गया था, परन्तु इनका दाम्पत्य जीवन सफल नहीं रहा। इन्होंने अपना अधिकांश जीवन प्रयाग में ही बिताया और 'प्रयाग महिला विद्यापीठ' की प्रधानाचार्या के पद पर कार्यरत रहीं। भारत सरकार ने इन्हें 'पद्म भूषण' से सम्मानित किया। सन् 1987 ई. में इनका देहावसान हो गया।
Step 2: साहित्यिक परिचय एवं रचनाएँ
महादेवी वर्मा छायावादी युग की चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। इनके काव्य में विरह-वेदना और रहस्यवादी भावना की प्रधानता है। इन्होंने काव्य के अतिरिक्त उत्कृष्ट गद्य-रचना भी की है, विशेषकर रेखाचित्र और संस्मरण।
प्रमुख रचना: 'यामा'
'यामा' महादेवी जी का एक प्रसिद्ध काव्य-संग्रह है, जिसमें उनके चार प्रमुख काव्य-संग्रहों - 'नीहार', 'रश्मि', 'नीरजा' तथा 'सांध्यगीत' के महत्वपूर्ण गीतों को संकलित किया गया है। इस कृति पर इन्हें हिन्दी साहित्य का सर्वोच्च पुरस्कार 'ज्ञानपीठ पुरस्कार' प्राप्त हुआ था। इनके प्रमुख गद्य-ग्रन्थों में 'अतीत के चलचित्र', 'स्मृति की रेखाएँ' और 'पथ के साथी' शामिल हैं।
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