Question:

निम्नलिखित अणुओं में से कौन से अणु का आबंध कोटि (bond order) इसके उच्चतम अधिग्रहित आण्विक कक्षक (highest occupied molecular orbital) से इलेक्ट्रॉन के निकलने पर बढ़ जायेगा?

Show Hint

शॉर्टकट ट्रिक: यदि किसी अणु में प्रति-आबंधन कक्षक (Antibonding MO) में इलेक्ट्रॉन उपस्थित हैं और वे ही उच्चतम ऊर्जा वाले (HOMO) कक्षक हैं, तो इलेक्ट्रॉन निकालने पर हमेशा आबंध कोटि बढ़ेगी और स्थायित्व बढ़ेगा।
Updated On: Jun 11, 2026
  • F2
  • N2
  • C2
  • B2
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

The Correct Option is A

Solution and Explanation

Step 1: Understanding the Question:
यह प्रश्न आणविक कक्षक सिद्धांत (Molecular Orbital Theory) और आबंध कोटि (bond order) की गणना पर आधारित है।
हमें उस अणु की पहचान करनी है जिसके उच्चतम अधिग्रहित आणविक कक्षक (HOMO) से इलेक्ट्रॉन निकालने पर उसकी आबंध कोटि बढ़ जाती है।

Step 2: Key Formula or Approach:
आबंध कोटि का सूत्र:
\[\text{आबंध कोटि} = \frac{N_b - N_a}{2}\]
जहाँ \(N_b\) आबंधी इलेक्ट्रॉनों की संख्या है और \(N_a\) प्रति-आबंधी इलेक्ट्रॉनों (antibonding electrons) की संख्या है।
यदि इलेक्ट्रॉन को प्रति-आबंधन आणविक कक्षक (ABMO) से निकाला जाता है, तो \(N_a\) का मान घटता है जिससे आबंध कोटि बढ़ जाती है।

Step 3: Detailed Explanation:

F2 (18 इलेक्ट्रॉन) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास:
\[ \sigma_{1s}^2 \sigma^*_{1s}^2 \sigma_{2s}^2 \sigma^*_{2s}^2 \sigma_{2p_z}^2 (\pi_{2p_x}^2 = \pi_{2p_y}^2) (\pi^*_{2p_x}^2 = \pi^*_{2p_y}^2) \]
यहाँ HOMO एक प्रति-आबंधन कक्षक \(\pi^*_{2p}\) है।
जब इससे एक इलेक्ट्रॉन निकाला जाता है, तो \(N_a\) का मान 8 से घटकर 7 हो जाता है। अतः \(F_2^+\) की आबंध कोटि:
\[ \text{B.O.} = \frac{10 - 7}{2} = 1.5 \]
जो कि \(F_2\) की मूल आबंध कोटि (1.0) से अधिक है।

• अन्य अणुओं (\(N_2, C_2, B_2\)) में HOMO आबंधन आणविक कक्षक (BMO) होते हैं। अतः इनसे इलेक्ट्रॉन निकालने पर आबंध कोटि घटती है।

इसलिए केवल \(F_2\) की आबंध कोटि इलेक्ट्रॉन निकलने पर बढ़ती है।

Step 4: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (A) है क्योंकि \(F_2\) के प्रति-आबंधन कक्षक (HOMO) से इलेक्ट्रॉन निकलने पर आबंध मजबूत होता है।
Was this answer helpful?
0
0