चरण 1: प्रश्न को समझना:
प्रश्न में द्विपद नामकरण (binomial nomenclature) के सार्वभौमिक नियमों के बारे में चार कथन दिए गए हैं। हमें उस कथन की पहचान करनी है जो सही नहीं (गलत) है।
चरण 2: द्विपद नामकरण के नियमों का विश्लेषण:
कैरोलस लिनियस द्वारा दी गई द्विपद नामकरण प्रणाली के मुख्य नियम इस प्रकार हैं:
• जैविक नाम आम तौर पर लैटिन भाषा में होते हैं और इटैलिक (तिरछे) अक्षरों में लिखे जाते हैं। (कथन D सही है)
• जैविक नाम में पहला शब्द वंश (Genus) को दर्शाता है और दूसरा शब्द जाति संकेत पद (specific epithet) को दर्शाता है। (कथन C गलत है, क्योंकि यह क्रम को उल्टा बताता है)
• वंश नाम का पहला अक्षर हमेशा बड़े (Capital) अक्षर से शुरू होता है, जबकि जाति संकेत पद का पहला अक्षर हमेशा छोटे (small) अक्षर से शुरू होता है। (कथन B सही है)
• जब हाथ से लिखा जाता है, तो दोनों शब्दों को अलग-अलग रेखांकित किया जाता है। छपाई में, उन्हें इटैलिक में लिखा जाता है ताकि उनके लैटिन मूल को इंगित किया जा सके। (कथन A सही है)
चरण 3: अंतिम उत्तर:
कथन (C) गलत है क्योंकि यह बताता है कि पहला शब्द जाति है और दूसरा वंश है, जबकि सही क्रम इसके विपरीत है (पहला वंश, दूसरा जाति)। उदाहरण: Homo sapiens में, Homo वंश है और sapiens जाति संकेत पद है।