Question:

निम्नलिखित में से किसी \(\underline{एक}\) विषय पर निबन्ध लिखिए : 
(i) स्वच्छ भारत अभियान 
(ii) विज्ञान—वरदान या अभिशाप 
(iii) पर्यावरण प्रदूषण की समस्या और समाधान 
(iv) जनसंख्या वृद्धि की समस्या और समाधान 
(v) विद्यार्थी जीवन में खेल का महत्व
 

Show Hint

निबन्ध का ढाँचा रखें—भूमिका → कारण → प्रभाव → समाधान → उपसंहार; हर भाग में 2–3 ठोस बिंदु लिखें।
Updated On: Oct 11, 2025
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

मॉडल निबन्ध (विकल्प iii): पर्यावरण प्रदूषण—समस्या और समाधान 
भूमिका: आधुनिक विकास-यात्रा ने मानव को सुविधा दी, पर वायु, जल, मृदा, ध्वनि—सब स्तरों पर प्रदूषण ने जीवन-संतुलन बिगाड़ दिया। वैश्विक तापवृद्धि, जैव-विविधता ह्रास, चरम मौसमी घटनाएँ—इनका सम्बन्ध सीधे प्रदूषण से है। 
प्रमुख कारण: अनियंत्रित औद्योगिकीकरण, कोयला-आधारित ऊर्जा, वाहनों से निकास, प्लास्टिक-अपशिष्ट, नदी-प्रदूषण, अंधाधुंध वृक्ष-निधन, रासायनिक कृषि। 
प्रभाव: श्वसन-रोग, जलजनित व्याधियाँ, कृषि-भूमि की उर्वरा-घटौती, वन्यजीवों का संकट, समुद्री-परितंत्र का क्षरण, चरम मौसम से आर्थिक-हानि। 
समाधान: (क) नवीकरणीय ऊर्जा (सौर/पवन/हरित-हाइड्रोजन), (ख) सार्वजनिक परिवहन व ई-गतिशीलता, (ग) कचरा-प्रबंधन—घटाओ, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण; (घ) जल-शोधन व औद्योगिक उत्सर्जन-मानक; (ङ) सतत कृषि—जैविक/प्राकृतिक विधियाँ; (च) शहरी हरित क्षेत्र व वृक्षारोपण; (छ) पर्यावरण-शिक्षा व नागरिक भागीदारी। 
सरकारी–सामुदायिक पहल: कड़े क़ानून, कार्बन-कर/उत्सर्जन-व्यापार, स्थानीय निकाय द्वारा ठोस-अपशिष्ट प्रबंधन; स्कूल–महाविद्यालय स्तर पर स्वच्छता अभियान, नदी मित्रजल-जीवन-हरियाली जैसी योजनाएँ। 
उपसंहार: प्रकृति संसाधन नहीं, सह-अस्तित्व का आधार है। तकनीक, नीति और जन-सहभागिता के त्रिसूत्र से ही प्रदूषण-समस्या का स्थायी समाधान संभव है। 
 

Was this answer helpful?
0
0

Top UP Board X निबंध लेखन Questions

View More Questions