Question:

नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (R) के रूप में है। 
अभिकथन (A) : विकासात्मक दृष्टि से हिन्दी अपनी बोलियों की भगिनी है। 
कारण (R) : सामाजिक स्वीकृति ने इसे भाषा का दर्जा दे दिया है, जबकि अन्य बोलियाँ ही रह गई हैं। ऐसा उसकी केन्द्रीय स्थिति तथा साधु सन्तों और दरवेशों एवं मुसलमान शासकों आदि के माध्यम से उसके अन्तःप्रान्तीय प्रचार आदि के कारण हुआ। 
उपर्युक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए : 
 

Show Hint

भाषा और बोली का अंतर प्रायः सामाजिक स्वीकृति और उपयोग क्षेत्र पर आधारित होता है।
Updated On: Jun 29, 2026
  • दोनों (A) और (R) सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
  • दोनों (A) और (R) सत्य हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
  • (A) सत्य है, लेकिन (R) असत्य है
  • (A) असत्य है, लेकिन (R) सत्य है
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collegedunia
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The Correct Option is A

Solution and Explanation

Concept:
हिन्दी और उसकी बोलियों का विकास ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रक्रियाओं से जुड़ा हुआ है।

Step 1:
अभिकथन (A) का परीक्षण कीजिए। हिन्दी और उसकी बोलियाँ: \[ \text{एक ही भाषा परिवार से विकसित हुई हैं} \] इसलिए उन्हें विकासात्मक दृष्टि से भगिनी कहा जाता है। अतः अभिकथन सत्य है।

Step 2:
कारण (R) का परीक्षण कीजिए। हिन्दी को:
• सामाजिक स्वीकृति
• केन्द्रीय स्थिति
• साधु-सन्तों का प्रचार
• शासकीय संरक्षण प्राप्त हुआ, जिसके कारण उसे भाषा का दर्जा मिला। अतः कारण भी सत्य है।

Step 3:
क्या कारण, अभिकथन की व्याख्या करता है? हाँ, कारण यह स्पष्ट करता है कि हिन्दी और उसकी बोलियों में अंतर सामाजिक एवं ऐतिहासिक कारणों से बना। अतः: \[ (R), (A) \text{ की सही व्याख्या है} \]

Step 4:
निष्कर्ष। अतः सही उत्तर है: \[ \boxed{\text{दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है}} \]
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