नाना वाहन नाना वेशा, बिहसे सिव समाज निज देखा। कोउ मुख हीन विपुल मुख काहु, बिनु पद-कर कोउ बहु बाहू।। उपयुक्त पंक्ति में कौन-सा रस है ?
Step 1: पंक्तियों का भावार्थ.
यहाँ विविध प्रकार के वाहन, वेशभूषा और विचित्र शारीरिक संरचना का वर्णन किया गया है — कोई बिना मुख का है, कोई अनेक मुख वाला है, कोई बिना हाथ-पैर का है, तो कोई अनेक भुजाओं वाला। यह चित्रण हास्य उत्पन्न करता है।
Step 2: रस की पहचान.
जब किसी घटना या वर्णन से हँसी उत्पन्न होती है, तो वहाँ हास्य रस माना जाता है।
Step 3: विकल्पों का विश्लेषण.
(A) करुण रस: दुःख या करुणा की स्थिति में आता है — यहाँ नहीं है।
(B) वीर रस: साहस और युद्ध भावना से जुड़ा है — यहाँ लागू नहीं।
(C) शान्त रस: शांति और वैराग्य से संबंधित है।
(D) हास्य रस: सही — पंक्तियों में हास्य का वर्णन है।
Step 4: निष्कर्ष.
अतः सही उत्तर है (D) हास्य रस।
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
'साहित्य और कला' रचना है :
शुक्लोत्तर - युग के लेखक हैं :