'मुक्तियज्ञ' खण्डकाव्य की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।
'मुक्तियज्ञ' खण्डकाव्य का कथानक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और महात्मा गांधी के नेतृत्व में होने वाले संघर्षों के इर्द-गिर्द घूमता है। काव्य में गांधीजी के सत्याग्रह, असहमति और अहिंसा के माध्यम से भारतीयों के आत्मनिर्भर बनने की कोशिश को दर्शाया गया है। यह काव्य स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरक गाथा है, जिसमें भारतीय जनता का संघर्ष, बलिदान और एकजुटता प्रमुख रूप से प्रस्तुत किया गया है। काव्य का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता की प्राप्ति के लिए संघर्ष का महत्व बताना है।
स्वतंत्रता संग्राम: काव्य में गांधीजी के नेतृत्व में भारत के स्वतंत्रता संग्राम का जीवंत चित्रण किया गया है।
सत्याग्रह और अहिंसा: गांधीजी ने सत्याग्रह और अहिंसा के मार्ग से अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया।
भारतीय जनता की भूमिका: काव्य में भारतीय जनता के संघर्ष, बलिदान और एकजुटता की महत्वपूर्ण भूमिका दिखाई गई है।
'मुक्तियज्ञ' खण्डकाव्य में स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरक गाथा और महात्मा गांधी के सिद्धांतों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है।
‘आचारण की सभ्यता’ निबंध के लेखक हैं:
‘हिन्दी नयी चाल में ढली’ यह कथन किस लेखक का है?
‘उसने कहा था’ कहानी के लेखक हैं:
‘पिंजरे की मैना’ निबंध संग्रह के लेखक हैं:
‘कलम का सिपाही’ के रचनाकार हैं:
‘श्रवणकुमार’ खण्डकाव्य में दशरथ का चरित्र-चित्रण कीजिए।
‘श्रवणकुमार’ खण्डकाव्य की कथावस्तु पर विचार कीजिए।
'पुष्पिका' खंडकाव्य के आधार पर 'नमक आंदोलन' की काव्यात्मक व्याख्या लिखिए।
'पुष्पिका' खंडकाव्य के आधार पर गांधीजी की किन्हीं पाँच चारित्रिक गुणों/विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
'सत्य की जीत' खंडकाव्य के आधार पर किसी एक धार्मिक प्रसंग का वर्णन कीजिए।