'मुक्तिदूत' खण्डकाव्य के नायक का चरित्र-चित्रण कीजिए।
Step 1: परिचय.
'मुक्तिदूत' खण्डकाव्य महाकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' की अमर कृति है। इसका नायक 'मुक्तिदूत' स्वयं कवि की कल्पना का प्रतीक पात्र है, जो भारत की स्वतंत्रता के संदेश को लेकर पूरी दुनिया में जाता है।
Step 2: संदेशवाहक रूप.
नायक 'मुक्तिदूत' को स्वतंत्रता का दूत कहा गया है। वह मानवता को यह संदेश देता है कि स्वतंत्रता हर मनुष्य का जन्मसिद्ध अधिकार है और इसके बिना जीवन अधूरा है।
Step 3: आदर्शवादी व्यक्तित्व.
मुक्तिदूत का चरित्र त्याग, बलिदान और सत्य का प्रतीक है। वह राष्ट्र की मुक्ति और शांति के लिए संघर्ष करता है। उसके विचार मानवता को नई दिशा प्रदान करते हैं।
Step 4: वैश्विक दृष्टिकोण.
नायक केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया के शोषित और पीड़ित जनों को स्वतंत्रता का संदेश देता है। वह विश्वबंधुत्व और मानवता के आदर्श को सामने रखता है।
Final Answer:
'मुक्तिदूत' खण्डकाव्य का नायक स्वतंत्रता, शांति, मानवता और त्याग का आदर्श प्रतीक है, जो पूरी दुनिया को मुक्ति का संदेश देता है।
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
'साहित्य और कला' रचना है :
शुक्लोत्तर - युग के लेखक हैं :
'तृमूल' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) प्रमुख पात्र का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) 'तृमूल' खण्डकाव्य का कथानक संक्षेप में लिखिए।
'अमृतपूजा' खण्डकाव्य की
(i) कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।
(ii) श्रीकृष्ण का चरित्रांकन कीजिए।
'कर्मवीर भरत' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) भरत का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) किसी एक सर्ग का कथानक लिखिए।
'कर्ण' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) कर्ण का चरित्रांकन कीजिए।
(ii) तृतीय सर्ग की कथा अपने शब्दों में लिखिए।
'ज्योति – जवाहर' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) नायक का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।