चरण 1: प्रश्न को समझना:
प्रश्न में दिए गए वाक्य का 'वाच्य' (voice) पहचानने के लिए कहा गया है।
चरण 2: मुख्य अवधारणा:
- कर्तृवाच्य (Active Voice): कर्ता प्रमुख होता है और क्रिया कर्ता के लिंग और वचन के अनुसार होती है। कर्ता क्रिया का करने वाला होता है।
- कर्मवाच्य (Passive Voice): कर्म प्रमुख होता है, और क्रिया कर्म के अनुसार होती है। इसमें अक्सर 'के द्वारा' का प्रयोग होता है।
- भाववाच्य (Impersonal Voice): भाव या क्रिया ही प्रमुख होती है। क्रिया हमेशा अन्य पुरुष, पुल्लिंग, एकवचन में होती है। इसका प्रयोग अक्सर असमर्थता व्यक्त करने के लिए किया जाता है।
चरण 3: विस्तृत व्याख्या:
वाक्य है: 'महात्मा बुद्ध ने विश्व को शांति का संदेश दिया।'
- कर्ता: महात्मा बुद्ध ने
- क्रिया: दिया
क्रिया 'दिया' सीधे कर्ता 'महात्मा बुद्ध' से जुड़ी है, जो क्रिया के कर्ता हैं। क्रिया कर्ता के अनुसार है। सकर्मक क्रिया वाले भूतकाल के वाक्यों में कर्ता के साथ 'ने' परसर्ग का प्रयोग कर्तृवाच्य का एक मजबूत संकेतक है।
इसका कर्मवाच्य रूप होगा: 'महात्मा बुद्ध के द्वारा विश्व को शांति का संदेश दिया गया।'
चरण 4: अंतिम उत्तर:
चूंकि कर्ता क्रिया का करने वाला है और प्रमुख है, इसलिए वाक्य कर्तृवाच्य में है।