Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न महादेवी वर्मा की गद्य रचनाओं और उनकी विधाओं (रेखाचित्र) की पहचान पर आधारित है।
Step 2: Detailed Explanation:
महादेवी वर्मा छायावाद की प्रमुख कवयित्री के साथ-साथ एक उत्कृष्ट रेखाचित्रकार भी थीं।
'अतीत के चलचित्र' (1941) उनका प्रमुख रेखाचित्र संग्रह है जिसमें उन्होंने अपने जीवन के पात्रों का सजीव वर्णन किया है।
अन्य विकल्प जैसे 'जिन्दगी मुस्कुराई' और 'बाजे पायलिया के घुँघरू' कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' की रचनाएँ हैं।
Step 3: Final Answer:
सही विकल्प (B) अतीत के चलचित्र है।