'मातृभूमि के लिए' खण्डकाव्य की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।
Step 1: प्रस्तावना.
'मातृभूमि के लिए' खण्डकाव्य में कवि ने राष्ट्रप्रेम, स्वतंत्रता और बलिदान की भावना का मार्मिक चित्रण किया है। यह खण्डकाव्य भारत की स्वतंत्रता संग्राम की पृष्ठभूमि में रचा गया है।
Step 2: कथावस्तु का संक्षेप.
काव्य में मातृभूमि के लिए बलिदान को सर्वोच्च बताया गया है। इसमें नायक अपने प्राणों की आहुति देकर यह सिद्ध करता है कि देशहित सर्वोपरि है। कवि ने मातृभूमि को माँ के रूप में चित्रित किया है और उसके लिए बलिदान को संतान का परम कर्तव्य बताया है।
Step 3: भाव और संदेश.
इस खण्डकाव्य का मुख्य संदेश है कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान करना ही सबसे बड़ा धर्म है। देश के लिए त्याग और संघर्ष ही सच्चे राष्ट्रप्रेम का परिचायक है।
Step 4: सार.
यह काव्य देशभक्ति और बलिदान की भावना से ओतप्रोत है और स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों को प्रस्तुत करता है।
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
'साहित्य और कला' रचना है :
शुक्लोत्तर - युग के लेखक हैं :
'तृमूल' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) प्रमुख पात्र का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) 'तृमूल' खण्डकाव्य का कथानक संक्षेप में लिखिए।
'अमृतपूजा' खण्डकाव्य की
(i) कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।
(ii) श्रीकृष्ण का चरित्रांकन कीजिए।
'कर्मवीर भरत' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) भरत का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) किसी एक सर्ग का कथानक लिखिए।
'कर्ण' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) कर्ण का चरित्रांकन कीजिए।
(ii) तृतीय सर्ग की कथा अपने शब्दों में लिखिए।
'ज्योति – जवाहर' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) नायक का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।