सभी प्रमुख रसों (श्रृंगार, हास्य, करुण, रौद्र, वीर, भयानक, वीभत्स, अद्भुत, शांत) और उनके स्थायी भावों की एक तालिका बनाकर याद कर लें। यह हिंदी काव्यशास्त्र का एक मूलभूत और महत्वपूर्ण विषय है।
Step 1: Understanding the Question:
प्रश्न में करुण रस का स्थायी भाव पूछा गया है। Step 2: Key Concept:
स्थायी भाव वे मूल भाव होते हैं जो मनुष्य के हृदय में स्थायी रूप से विद्यमान रहते हैं और अनुकूल परिस्थिति आने पर रस के रूप में प्रकट होते हैं। प्रत्येक रस का एक स्थायी भाव होता है। Step 3: Detailed Explanation:
- करुण रस का स्थायी भाव शोक होता है। प्रियजन के वियोग या हानि से शोक नामक स्थायी भाव जाग्रत होकर करुण रस में परिणत होता है।
- क्रोध, रौद्र रस का स्थायी भाव है।
- हास्य, हास्य रस का स्थायी भाव है।
- भय, भयानक रस का स्थायी भाव है।
अतः, सही उत्तर (B) शोक है।