केशवदास काव्यधारा के कवि हैं :
Step 1: संदर्भ.
हिंदी साहित्य के रीति काल में कवियों को तीन धाराओं में बाँटा गया है — रीति-बद्ध, रीति-सिद्ध और रीति-मुक्त। केशवदास इस युग के प्रारंभिक कवि हैं।
Step 2: व्याख्या.
केशवदास की रचनाओं में अलंकारों, रसों और काव्यशास्त्र की परंपरा का पालन किया गया है। उन्होंने काव्य को नियमबद्ध और परंपरागत रूप में प्रस्तुत किया, जो रीति-बद्ध कवियों की विशेषता है।
Step 3: निष्कर्ष.
अतः केशवदास को रीति-बद्ध काव्यधारा का कवि माना जाता है।
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
'साहित्य और कला' रचना है :
शुक्लोत्तर - युग के लेखक हैं :
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