Question:

Kavi + Indra → Kaveendraसुमेलित कीजिए: {|l|l|} सूची I (विच्छेद) & सूची II (संधि पद)
A. कवि + इंद्र & I. समासोक्ति
B. मृग + इंद्र & II. तत्काल
C. समास + उक्ति & III. कवींद्र
D. तद् + काल & IV. मृगेंद्र
Choose the correct answer from the following options:

Show Hint

दीर्घ संधि: इ + इ = ई
गुण संधि: अ + इ = ए तथा अ + उ = ओ
व्यंजन संधि में ध्वनि परिवर्तन विशेष नियमों के अनुसार होता है।
Updated On: May 16, 2026
  • A-IV, B-III, C-II, D-I
  • A-I, B-II, C-III, D-IV
  • A-III, B-IV, C-I, D-II
  • A-III, B-I, C-II, D-IV
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

The Correct Option is C

Solution and Explanation

Concept: संधि का अर्थ है दो वर्णों या शब्दों के मेल से होने वाला ध्वन्यात्मक परिवर्तन। संस्कृत तथा हिंदी व्याकरण में संधि के विभिन्न प्रकार होते हैं, जैसे स्वर संधि, व्यंजन संधि और विसर्ग संधि। इस प्रश्न में मुख्यतः दीर्घ संधि, गुण संधि तथा व्यंजन संधि के नियमों का प्रयोग हुआ है।

Step 1:
‘कवि + इंद्र' का विश्लेषण।
यहाँ “कवि” शब्द का अंतिम स्वर “इ” है तथा “इंद्र” शब्द का प्रथम स्वर भी “इ” है। दीर्घ संधि के नियम के अनुसार: \[ इ + इ = ई \] अतः: \[ कवि + इंद्र = कवींद्र \] इस प्रकार A का मिलान III से होगा।

Step 2:
‘मृग + इंद्र' का विश्लेषण।
यहाँ “मृग” के अंत में “अ” स्वर निहित है तथा “इंद्र” का प्रारंभ “इ” से हो रहा है। गुण संधि के नियम के अनुसार: \[ अ + इ = ए \] अतः: \[ मृग + इंद्र = मृगेन्द्र \] अतः B का मिलान IV से होगा।

Step 3:
‘समास + उक्ति' का विश्लेषण।
यहाँ “समास” के अंत में “अ” तथा “उक्ति” के प्रारंभ में “उ” है। गुण संधि के अनुसार: \[ अ + उ = ओ \] अतः: \[ समास + उक्ति = समासोक्ति \] अतः C का मिलान I से होगा।

Step 4:
‘तद् + काल' का विश्लेषण।
यह व्यंजन संधि का उदाहरण है। “द्” के बाद “क” आने पर “द्” का परिवर्तन “त्” में हो जाता है। \[ तद् + काल = तत्काल \] अतः D का मिलान II से होगा। Conclusion: सही क्रम A-III, B-IV, C-I, D-II है। इसलिए सही उत्तर विकल्प (3) है।
Was this answer helpful?
0
0

Top CUET हिंदी Questions

View More Questions