Question:

'कर्ण' खण्डकाव्य के आधार पर प्रमुख नारी पात्र कुन्ती का चरित्र-चित्रण कीजिए।

Show Hint

चरित्र-चित्रण लिखते समय पात्र के जीवन के मुख्य पहलुओं और भावनात्मक संघर्षों को अवश्य लिखें।
Updated On: Oct 28, 2025
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

'कर्ण' खण्डकाव्य में कुन्ती का चरित्र बहुआयामी और भावनात्मक दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण है।
1. त्यागमयी माता: कुन्ती ने पुत्र कर्ण को जन्म के तुरंत बाद ही लोकलज्जा और सामाजिक भयवश त्याग दिया। यह उसका सबसे बड़ा त्याग और पीड़ा है।
2. मातृत्वभाव: यद्यपि कर्ण को त्याग दिया था, परन्तु उसके प्रति मातृस्नेह जीवनभर विद्यमान रहा।
3. द्वन्द्वयुक्त जीवन: कुन्ती के जीवन में निरंतर द्वन्द्व रहा – एक ओर मातृत्व की करुणा, दूसरी ओर सामाजिक मर्यादा।
4. आदर्श नारी: कुन्ती का चरित्र नारी जीवन की करुणा, पीड़ा और आदर्शों का प्रतिनिधित्व करता है।
इस प्रकार कुन्ती का चरित्र त्याग, मातृत्व और करुणा का अद्भुत संगम है।
Was this answer helpful?
0
0

Top UP Board X खण्डकाव्य Questions

View More Questions