Question:

लेखक का जीवन परिचय देते हुए उनकी एक प्रमुख रचना का उल्लेख कीजिए : जयशंकर प्रसाद 
 

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जीवन-परिचय लिखते समय एक सारणीबद्ध प्रारूप का उपयोग करें: जन्म, मृत्यु, जन्म-स्थान, पिता का नाम, साहित्यिक युग और प्रमुख रचना। यह आपको महत्वपूर्ण बिन्दुओं को याद रखने में मदद करेगा।
Updated On: Nov 11, 2025
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Solution and Explanation

जीवन-परिचय:
छायावाद के प्रवर्तक महाकवि जयशंकर प्रसाद का जन्म काशी के एक प्रतिष्ठित वैश्य परिवार (सुँघनी साहू) में सन् 1889 ई. में हुआ था। इनके पिता का नाम देवीप्रसाद था। बाल्यावस्था में ही माता-पिता तथा बड़े भाई का देहान्त हो जाने के कारण परिवार का सम्पूर्ण भार इनके कंधों पर आ पड़ा। इन्होंने घर पर ही हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू, फारसी आदि भाषाओं का गहन अध्ययन किया। वे अत्यधिक स्वाभिमानी, सरल और परोपकारी स्वभाव के थे। विषम परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए, क्षय रोग से पीड़ित होने के कारण मात्र 48 वर्ष की अल्पायु में सन् 1937 ई. में इनका निधन हो गया। साहित्यिक योगदान:
प्रसाद जी छायावादी युग के प्रवर्तक, उन्नायक तथा प्रतिनिधि कवि होने के साथ-साथ युग-प्रवर्तक नाटककार, कथाकार और उपन्यासकार भी थे। उनकी रचनाओं में भारत के गौरवशाली अतीत का सजीव वर्णन मिलता है। 'कामायनी' उनका सर्वश्रेष्ठ महाकाव्य है, जिसमें छायावाद की सभी प्रवृत्तियों का समावेश है। प्रमुख रचना:
कामायनी (महाकाव्य) - यह प्रसाद जी की कीर्ति का स्तम्भ है। इसके अतिरिक्त चन्द्रगुप्त, स्कन्दगुप्त (नाटक) तथा आकाशदीप (कहानी-संग्रह) भी इनकी प्रसिद्ध रचनाएँ हैं।
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