'ज्योति जवाहर' खंडकाव्य के नायक का चरित्र-चित्रण कीजिए।
Step 1: परिचय.
'ज्योति जवाहर' खंडकाव्य के नायक पंडित जवाहरलाल नेहरू हैं। कवि ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को उजागर करते हुए उन्हें राष्ट्र की धरोहर और आधुनिक भारत का निर्माता कहा है।
Step 2: राष्ट्रभक्ति और त्याग.
नेहरू जी का जीवन राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत था। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भाग लिया, जेल गए और अनेक कष्ट सहे। व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं को त्याग कर उन्होंने सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र को समर्पित किया।
Step 3: विचारक और लेखक.
वे केवल राजनीतिज्ञ ही नहीं, बल्कि गहरे विचारक और विद्वान भी थे। उनकी पुस्तकों में इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रप्रेम झलकता है। "भारत की खोज" (Discovery of India) और "मेरे पिता के पत्र मेरे पुत्री के नाम" उनकी विद्वता और संवेदनशीलता का प्रमाण हैं।
Step 4: आधुनिक भारत के निर्माता.
नेहरू जी ने स्वतंत्र भारत को एक मजबूत आधार देने के लिए पंचवर्षीय योजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने उद्योग, विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में प्रगति पर बल दिया। वे बच्चों से विशेष स्नेह रखते थे, इसलिए उन्हें "चाचा नेहरू" कहा जाता है।
Step 5: निष्कर्ष.
इस प्रकार, पंडित नेहरू का चरित्र राष्ट्रप्रेम, त्याग, विद्वता और दूरदर्शिता से भरा हुआ था। उन्होंने भारत को आधुनिक युग की ओर अग्रसर करने का कार्य किया और वे भारतीय इतिहास में सदैव 'ज्योति' के समान अमर रहेंगे।
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
'साहित्य और कला' रचना है :
शुक्लोत्तर - युग के लेखक हैं :
'तृमूल' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) प्रमुख पात्र का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) 'तृमूल' खण्डकाव्य का कथानक संक्षेप में लिखिए।
'अमृतपूजा' खण्डकाव्य की
(i) कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।
(ii) श्रीकृष्ण का चरित्रांकन कीजिए।
'कर्मवीर भरत' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) भरत का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) किसी एक सर्ग का कथानक लिखिए।
'कर्ण' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) कर्ण का चरित्रांकन कीजिए।
(ii) तृतीय सर्ग की कथा अपने शब्दों में लिखिए।
'ज्योति – जवाहर' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) नायक का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।