'जय सुभाष' खण्डकाव्य की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।
Step 1: प्रस्तावना.
'जय सुभाष' खण्डकाव्य में कवि ने सुभाषचन्द्र बोस के जीवन, उनके राष्ट्रप्रेम और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान का वर्णन किया है। यह काव्य देशभक्ति और आत्मबलिदान की भावना से परिपूर्ण है।
Step 2: कथावस्तु का संक्षेप.
इस खण्डकाव्य में सुभाषचन्द्र बोस के संघर्षमयी जीवन का चित्रण है। इसमें दिखाया गया है कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों, जेल की यातनाओं और विदेशी भूमि पर रहकर भी स्वतंत्रता की ज्वाला को जीवित रखा। उन्होंने आज़ाद हिन्द फौज का नेतृत्व करते हुए भारतवासियों को पराधीनता से मुक्त कराने का बीड़ा उठाया।
Step 3: संदेश.
काव्य का मुख्य संदेश है कि स्वतंत्रता के लिए त्याग और बलिदान आवश्यक है। सुभाष का जीवन यह सिखाता है कि सच्चे राष्ट्रप्रेम के लिए व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं का त्याग करना पड़ता है।
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
'साहित्य और कला' रचना है :
शुक्लोत्तर - युग के लेखक हैं :
'तृमूल' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) प्रमुख पात्र का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) 'तृमूल' खण्डकाव्य का कथानक संक्षेप में लिखिए।
'अमृतपूजा' खण्डकाव्य की
(i) कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।
(ii) श्रीकृष्ण का चरित्रांकन कीजिए।
'कर्मवीर भरत' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) भरत का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) किसी एक सर्ग का कथानक लिखिए।
'कर्ण' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) कर्ण का चरित्रांकन कीजिए।
(ii) तृतीय सर्ग की कथा अपने शब्दों में लिखिए।
'ज्योति – जवाहर' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) नायक का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।