'जय सुभाष' खण्डकाव्य के आधार पर सुभाषचन्द्र बोस का चरित्रांकन कीजिए।
Step 1: परिचय.
'जय सुभाष' खण्डकाव्य में कवि ने महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाषचन्द्र बोस का आदर्श चरित्र चित्रित किया है। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे नेता थे जिन्होंने अपने जीवन को देश की आज़ादी के लिए समर्पित कर दिया।
Step 2: राष्ट्रप्रेमी व्यक्तित्व.
सुभाषचन्द्र बोस का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत था। उन्होंने अंग्रेजों की दासता को अस्वीकार करते हुए भारतवासियों को संघर्ष और बलिदान का संदेश दिया। उनका जीवन यह सिद्ध करता है कि सच्चा देशप्रेम त्याग और साहस से ही सिद्ध होता है।
Step 3: संघर्षशीलता और नेतृत्व क्षमता.
उन्होंने 'आज़ाद हिन्द फौज' का गठन किया और भारतीयों को संगठित कर अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष छेड़ा। उनका नारा "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा" भारतीय जनमानस को स्वतंत्रता के लिए प्रेरित करता रहा।
Step 4: नायक का आदर्श रूप.
सुभाषचन्द्र बोस का चरित्र त्याग, बलिदान, पराक्रम और नेतृत्व क्षमता का अद्वितीय संगम है। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी और युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं।
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
'साहित्य और कला' रचना है :
शुक्लोत्तर - युग के लेखक हैं :
'तृमूल' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) प्रमुख पात्र का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) 'तृमूल' खण्डकाव्य का कथानक संक्षेप में लिखिए।
'अमृतपूजा' खण्डकाव्य की
(i) कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।
(ii) श्रीकृष्ण का चरित्रांकन कीजिए।
'कर्मवीर भरत' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) भरत का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) किसी एक सर्ग का कथानक लिखिए।
'कर्ण' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) कर्ण का चरित्रांकन कीजिए।
(ii) तृतीय सर्ग की कथा अपने शब्दों में लिखिए।
'ज्योति – जवाहर' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) नायक का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।