इनमें से कौन शब्दालंकार नहीं है?
शब्दालंकार काव्यशास्त्र में वह अलंकार होते हैं जो शब्दों के प्रयोग से उत्पन्न होते हैं। 'श्लेष', 'यमक', और 'अनुप्रास' शब्दालंकार के उदाहरण हैं। श्लेष: जब एक शब्द के दो अर्थों का प्रयोग किया जाता है। यमक: जब एक ही शब्द का पुनरावृत्ति होती है, लेकिन उसका अर्थ बदलता है। अनुप्रास: जब समान ध्वनियों का पुनरावृत्ति होती है। लेकिन 'उपमा' एक रूपक अलंकार है, न कि शब्दालंकार, क्योंकि यह तुलना (comparison) पर आधारित होता है, जैसे "राम की तरह".
अतिशयोक्ति अलंकार का एक उदाहरण लिखिए।
उपमा अलंकार का एक उदाहरण लिखिए।
हृदय-गगन में रूप-चंद्रिका बनकर उतरो मेरे - काव्य पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
'खड़-खड़ खड़ताल बजा रही विसुध हवा' - काव्य पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
अति कटु बचन कहति कैकेई
मानहुँ लोन जरे पर देई - काव्य पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?