'हर्यण' शब्द का संधि-विच्छेद है:
Step 1: शब्द की संरचना.
'हर्यण' शब्द का निर्माण 'हरि' + 'अत्र' से हुआ है।
Step 2: संधि की पहचान.
'हरि' और 'अत्र' के मिलने पर संधि से 'हर्यण' रूप बनता है। यहाँ 'इ' + 'अ' संधि से 'य' हो जाता है।
Step 3: विकल्पों का विश्लेषण.
(A) हर + अत्र — गलत, मूल शब्द 'हरि' है, केवल 'हर' नहीं।
(B) हर्य + त्र — गलत रूप है।
(C) हरि + अत्र — सही।
(D) हरि + आत्र — यहाँ 'आत्र' नहीं है।
Step 4: निष्कर्ष.
अतः सही उत्तर है (C) हरि + अत्र।
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
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