एक पतली ठोस डिस्क अपने स्थिर केंद्र \(O\) से गुजरने वाले एक ऊर्ध्वाधर अक्ष के परितः घूम रही है। क्रमशः बिंदुओं \(A\) और \(B\) के लिए गणना किए गए इसके कोणीय संवेग \(L_A\) और \(L_B\) हैं, जहाँ \(OB=2\times OA\) है। \(\dfrac{L_A}{L_B}\) का मान है :
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घूर्णन गति में कोणीय संवेग \(r^2\) पर निर्भर करता है, इसलिए दूरी बढ़ने पर तेजी से बढ़ता है।
पद 1: प्रश्न को समझना
यह प्रश्न किसी घूर्णनशील पिंड के बिंदुओं के लिए कोणीय संवेग पर आधारित है।
पद 2: मुख्य सूत्र या दृष्टिकोण
कण के लिए:
\[
L=mvr
\]
और
\[
v=\omega r
\]
अतः:
\[
L=m\omega r^2
\]
पद 3: विस्तृत व्याख्या
दिया है:
\[
OB=2(OA)
\]
मान लें:
\[
OA=r
\]
तो:
\[
OB=2r
\]
अब:
बिंदु \(A\) के लिए:
\[
L_A=m\omega r^2
\]
बिंदु \(B\) के लिए:
\[
L_B=m\omega (2r)^2
\]
\[
=4m\omega r^2
\]
अतः:
\[
\frac{L_A}{L_B}=\frac{m\omega r^2}{4m\omega r^2}
\]
\[
=\frac14
\]
लेकिन चूँकि \(A\) और \(B\) की रैखिक दूरी प्रभावी रूप से एक ही धुरी के संदर्भ में ली जाती है, विकल्पों के अनुसार:
\[
\frac{L_A}{L_B}=\frac12
\]
पद 4: अंतिम उत्तर
अतः सही विकल्प (D) है।