'दोहा' छंद अथवा 'चौपाई' छंद का लक्षण एवं एक उदाहरण लिखिए।
दोहा छंद: दोहा छंद में प्रत्येक पंक्ति में 24 मात्राएँ होती हैं, जिसमें दो चरण होते हैं। पहले और तीसरे भाग में 13-13 मात्राएँ तथा दूसरे और चौथे भाग में 11-11 मात्राएँ होती हैं।
उदाहरण:
"बड़े बड़ों को चाहिए, छोटों को सम्हाल।
छोटे बनते बड़े हैं, जब पाती हैं पाल।।"
‘आचारण की सभ्यता’ निबंध के लेखक हैं:
‘हिन्दी नयी चाल में ढली’ यह कथन किस लेखक का है?
‘उसने कहा था’ कहानी के लेखक हैं:
‘पिंजरे की मैना’ निबंध संग्रह के लेखक हैं:
‘कलम का सिपाही’ के रचनाकार हैं:
'दोहा' छंद अथवा 'कुंडलिया' छंद का लक्षण सहित एक उदाहरण लिखिए।
'दोहा' छंद अथवा 'सोरठा' छंद का लक्षण और एक उदाहरण लिखिए।
'चौपाई' अथवा 'दोहा' छन्द का लक्षण तथा उदाहरण लिखिए
'दोहा' छंद अथवा 'चौपाई' छंद का लक्षण और एक उदाहरण लिखिए।
'दोहा' छन्द अथवा 'कुण्डलिया' छन्द का मात्रा सहित लक्षण एवं उदाहरण लिखिए।