Question:

दिए गए संस्कृत गद्यांशों में से किसी एक का ससंर्दभ हिंदी में अनुवाद कीजिए।

गद्यांश 2:

महात्मा विद्वानः च, धार्मिकः च, पण्डितः च। पुर: प्रकाशनरचनातः। परमस्य स्वव्रणाणः। जनसेवायाः आदि:। एष कृशानु अयं अनन्त दुःखानां पीड़नायामायाश्च। तस्मै नः शमीम उपहृतिः। अस्माकं संजीवनार्थ आश्रयः। प्रणीतम अन्य स्ववाम ऐवर्तिः।

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महात्मा गांधी के विचार आज भी समाज को प्रेरित करते हैं।
Updated On: Nov 7, 2025
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Solution and Explanation

इस गद्यांश में **महात्मा गांधी** के गुणों का वर्णन किया गया है। वे **विद्वान, धार्मिक, सत्यनिष्ठ और कर्मठ नेता** थे। उन्होंने **सत्य, अहिंसा और त्याग** के आदर्शों को अपनाकर देश को स्वतंत्रता दिलाई।
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