दिये गए संस्कृत गद्यांश में से किसी एक का संस्कृत हिंदी में अनुवाद कीजिए:
गद्यांश:
संस्कृत साहित्य रसातं, व्याकरण सुघृततम। तथा गद्ये च ललितं, भावबोधसमर्थं अथिति श्रीमाधुर्यं वर्तते। कि बहुं चौतिवनिर्माण यद्युद्ध संस्कृत वाच्यं दवदति न ताथीक किवदित। मूलतानां मानव गुणं यथुः विशेषन संस्कृतसाहित्ये वर्ते, नात्र ताःदृष्टिः। द्या, दान, शौर्य, ओल्वन्मा, अधर्म, दन्ये चने गुणा: अस्य साहित्ये अनुसलिने सज्जायते।
‘आचारण की सभ्यता’ निबंध के लेखक हैं:
‘हिन्दी नयी चाल में ढली’ यह कथन किस लेखक का है?
‘उसने कहा था’ कहानी के लेखक हैं:
‘पिंजरे की मैना’ निबंध संग्रह के लेखक हैं:
‘कलम का सिपाही’ के रचनाकार हैं:
‘श्रवणकुमार’ खण्डकाव्य में दशरथ का चरित्र-चित्रण कीजिए।
‘श्रवणकुमार’ खण्डकाव्य की कथावस्तु पर विचार कीजिए।
'पुष्पिका' खंडकाव्य के आधार पर 'नमक आंदोलन' की काव्यात्मक व्याख्या लिखिए।
'पुष्पिका' खंडकाव्य के आधार पर गांधीजी की किन्हीं पाँच चारित्रिक गुणों/विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
'सत्य की जीत' खंडकाव्य के आधार पर किसी एक धार्मिक प्रसंग का वर्णन कीजिए।