छायावाद युग की प्रमुख प्रवृत्तियाँ कौन-सी हैं ?
Step 1: छायावाद युग की विशेषता.
छायावाद हिंदी साहित्य का प्रमुख काव्य आंदोलन है, जिसमें व्यक्तिगत भावनाओं, प्रेम, वेदना, प्रकृति और रहस्यात्मकता को विशेष स्थान मिला।
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण.
(A) कुण्ठा और निराशा – यह प्रगतिवाद और प्रयोगवाद की प्रवृत्ति से जुड़ा है।
(B) श्रृंगार और प्रेम - वेदना – सही उत्तर। छायावाद का प्रमुख स्वर यही है।
(C) नारी के प्रति परिवर्तित दृष्टिकोण – यह प्रगतिवादी युग की विशेषता है।
(D) रीतिग्रन्थों का निर्माण – यह रीतिकाल की विशेषता है।
Step 3: निष्कर्ष.
सही उत्तर है (B) श्रृंगार और प्रेम - वेदना।
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
'साहित्य और कला' रचना है :
शुक्लोत्तर - युग के लेखक हैं :
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
'साहित्य और कला' रचना है :
शुक्लोत्तर - युग के लेखक हैं :