अधिकार व्यक्ति के वे दावे हैं जिन्हें समाज द्वारा मान्यता प्राप्त होती है और राज्य द्वारा संरक्षण प्रदान किया जाता है। ये व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ हैं, जो उसे अपनी क्षमताओं का पूर्ण उपयोग करने का अवसर देती हैं।
मुख्य तत्व: - यह एक दावा है: अधिकार व्यक्ति का समाज और राज्य पर एक दावा होता है।
- सामाजिक स्वीकृति: इन दावों को समाज द्वारा नैतिक और सामाजिक रूप से उचित माना जाना चाहिए।
- राज्य का संरक्षण: राज्य इन अधिकारों को कानूनी रूप से लागू करता है और उनकी रक्षा करता है।
- कर्तव्यों से जुड़ाव: प्रत्येक अधिकार के साथ एक कर्तव्य भी जुड़ा होता है।
अधिकार विभिन्न प्रकार के हो सकते हैं, जैसे- प्राकृतिक अधिकार, नैतिक अधिकार, कानूनी अधिकार (मौलिक अधिकार, नागरिक अधिकार, राजनीतिक अधिकार)।