चरण 1: प्रश्न को समझना:
प्रश्न में उस प्रक्रिया के बारे में पूछा गया है जिसमें राष्ट्र या कंपनियां आर्थिक महत्व के उत्पादों, जैसे कि दवाओं और अन्य व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण पदार्थों को प्राप्त करने के लिए आणविक, आनुवंशिक और प्रजाति-स्तर पर जैव विविधता की खोज करती हैं।
चरण 2: दिए गए शब्दों का विश्लेषण:
• (A) जैव-आवर्धन (Biomagnification): यह खाद्य श्रृंखला में क्रमिक पोषण स्तरों पर कुछ प्रदूषकों (जैसे डीडीटी, पारा) की सांद्रता में वृद्धि को संदर्भित करता है।
• (B) जैव-पुष्टीकरण (Biofortification): यह पारंपरिक पादप प्रजनन या आनुवंशिक इंजीनियरिंग के माध्यम से फसलों की पोषण गुणवत्ता (जैसे विटामिन, खनिज) में सुधार करने की प्रक्रिया है।
• (C) जैव-उपचारण (Bioremediation): यह प्रदूषकों को हटाने या बेअसर करने के लिए सूक्ष्मजीवों (जैसे जीवाणु) का उपयोग करने की एक प्रक्रिया है।
• (D) जैव-अन्वेषण (Bioprospecting): यह प्राकृतिक स्रोतों, जैसे कि पौधों, जानवरों और सूक्ष्मजीवों से नए व्यावसायिक उत्पादों, विशेष रूप से दवाओं, की खोज और व्यावसायीकरण है। यह प्रश्न में दी गई परिभाषा से बिल्कुल मेल खाता है।
चरण 3: अंतिम उत्तर:
आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण उत्पादों के लिए जैव विविधता की खोज को जैव-अन्वेषण कहा जाता है। अतः, सही उत्तर विकल्प (D) है।