'आलोकवृत्त' खण्डकाव्य के नायक का चरित्र चित्रण कीजिए।
'आलोकवृत्त' खण्डकाव्य के नायक का चरित्र एक आदर्श और संघर्षशील व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया गया है। वह अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि मानता है और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए हमेशा तत्पर रहता है।
'आलोकवृत्त' खण्डकाव्य का नायक हमें यह सिखाता है कि सच्ची सफलता केवल संघर्ष, कर्तव्यनिष्ठा और नैतिकता से प्राप्त होती है।
‘आचारण की सभ्यता’ निबंध के लेखक हैं:
‘हिन्दी नयी चाल में ढली’ यह कथन किस लेखक का है?
‘उसने कहा था’ कहानी के लेखक हैं:
‘पिंजरे की मैना’ निबंध संग्रह के लेखक हैं:
‘कलम का सिपाही’ के रचनाकार हैं:
‘श्रवणकुमार’ खण्डकाव्य में दशरथ का चरित्र-चित्रण कीजिए।
‘श्रवणकुमार’ खण्डकाव्य की कथावस्तु पर विचार कीजिए।
'पुष्पिका' खंडकाव्य के आधार पर 'नमक आंदोलन' की काव्यात्मक व्याख्या लिखिए।
'पुष्पिका' खंडकाव्य के आधार पर गांधीजी की किन्हीं पाँच चारित्रिक गुणों/विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
'सत्य की जीत' खंडकाव्य के आधार पर किसी एक धार्मिक प्रसंग का वर्णन कीजिए।