Question:

'मुक्तियज्ञ' खण्डकाव्य के आधार पर गाँधीजी का चरित्र-चित्रण कीजिए। (अधिकतम 80 शब्द)

Updated On: Sep 24, 2026
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

चरण 1: नायक का परिचय:
सुमित्रानन्दन पन्त कृत ‘मुक्तियज्ञ’ गांधी-युग के स्वतन्त्रता-संघर्ष का काव्य है। इसके नायक महात्मा गांधी हैं और सारी कथा उन्हीं के नेतृत्व में आगे बढ़ती है।

चरण 2: चरित्रगत विशेषताएँ:
1. सत्य और अहिंसा के पुजारी: देश में हिंसा फैलने पर भी वे सत्य और अहिंसा के मार्ग पर अटल रहते हैं।
2. दृढ़-प्रतिज्ञ: दाण्डी-यात्रा में वे चौबीस दिन पैदल चलकर समुद्र-तट पर नमक-कानून तोड़ते हैं। कोई बाधा उन्हें रोक नहीं पाती।
3. जन-नायक: जनता उनके एक संकेत पर सब कुछ न्योछावर करने को तैयार रहती है।
4. समदर्शी: वे सबको समान दृष्टि से देखते हैं और छुआछूत मिटाने का प्रयास करते हैं।
5. मानवता के पोषक: उनका विश्वास है कि घृणा प्रेम से ही मिटती है।

निष्कर्ष:
गांधीजी सत्य, प्रेम, त्याग और दृढ़ता के मूर्त रूप हैं। पन्त जी ने उन्हें युग-प्रवर्तक महामानव के रूप में चित्रित किया है।
Was this answer helpful?
0
0