Question:

'त्यागपथी' खण्डकाव्य का कथानक संक्षेप में अपने शब्दों में लिखिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: परिचय:
‘त्यागपथी’ के कवि रामेश्वर शुक्ल ‘अंचल’ हैं। इसमें सम्राट हर्षवर्धन के जीवन की घटनाएँ पाँच सर्गों में कही गई हैं।

चरण 2: सर्ग-क्रम से कथानक:
प्रथम सर्ग: वन में शिकार करते समय राजकुमार हर्ष को पिता की बीमारी का समाचार मिलता है। उपचार सफल नहीं होता। माता पति से पहले आत्मदाह कर लेती हैं और फिर पिता भी चल बसते हैं।
द्वितीय सर्ग: भाई राज्यवर्धन वैराग्य लेना चाहते हैं, पर बहन राज्यश्री की विपत्ति सुनकर युद्ध को जाते हैं। वे शत्रु को हराते हैं, किन्तु छल से मारे जाते हैं। हर्ष वन में राज्यश्री की प्राण-रक्षा करते हैं।
तृतीय सर्ग: हर्ष छह वर्षों की दिग्विजय से देश को एक करते हैं।
चतुर्थ सर्ग: राज्यश्री संन्यास लेना चाहती है। आचार्य दिवाकर उसे मानव-सेवा का मार्ग सुझाते हैं।
पंचम सर्ग: प्रयाग में हर्ष महोत्सव करके अपना सारा कोष दान कर देते हैं।

निष्कर्ष:
कथा का केन्द्र हर्षवर्धन का त्याग और लोक-कल्याण है।
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