Question:

'रश्मिरथी' खण्डकाव्य के आधार पर कर्ण का चरित्र चित्रण कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: परिचय:
रामधारी सिंह ‘दिनकर’ के खण्डकाव्य ‘रश्मिरथी’ में सात सर्ग हैं। इसके नायक कर्ण हैं। कवि ने उन्हें महाभारत के पात्र से ऊपर उठाकर एक महामानव के रूप में दिखाया है।

चरण 2: कर्ण के चरित्र की विशेषताएँ:
1. महान योद्धा: रंगभूमि में कर्ण अपनी धनुर्विद्या से अर्जुन जैसे वीरों को चकित कर देता है।
2. स्वाभिमानी: सूतपुत्र कहकर अपमान होने पर भी वह अपने पुरुषार्थ पर भरोसा रखता है। जन्म नहीं, कर्म को वह महत्त्व देता है।
3. महादानी: इन्द्र छल से कवच और कुण्डल माँगते हैं। कर्ण सब समझकर भी उन्हें दान कर देता है।
4. मित्र-निष्ठ: दुर्योधन ने उसे अंगदेश का राजा बनाया था। कृष्ण और कुन्ती के प्रलोभनों के बाद भी कर्ण उसका साथ नहीं छोड़ता।
5. सत्यवादी और गुरुभक्त: वह परशुराम से अपनी जाति छिपाता है, पर कष्ट सहकर गुरु की सेवा करता है।
6. मातृ-सम्मान: कुन्ती को वह वचन देता है कि अर्जुन के अतिरिक्त चारों पुत्र सुरक्षित रहेंगे।

निष्कर्ष:
कर्ण वीर, दानी, स्वाभिमानी और मित्र-धर्म का पालक है। उसका जीवन दुख से भरा है, फिर भी वह श्रेष्ठ मानव-मूल्यों का प्रतीक बनकर उभरता है।
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