Question:

'आलोकवृत्त' खण्डकाव्य के आधार पर 'गाँधीजी' का चरित्र-चित्रण कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: परिचय:
‘आलोकवृत्त’ खण्डकाव्य के रचयिता गुलाब खण्डेलवाल हैं। इसके नायक महात्मा गाँधी हैं। इसमें उनके जन्म से लेकर देश की स्वतन्त्रता तक के जीवन का वर्णन आठ सर्गों में है।

चरण 2: गाँधीजी की चारित्रिक विशेषताएँ:
1. सत्य और अहिंसा के पुजारी: गाँधीजी हर संघर्ष में सत्य और अहिंसा को अपना अस्त्र बनाते हैं। वे पशुबल के सामने आत्मा की शक्ति जगाने की बात कहते हैं।
2. देशप्रेमी: उन्होंने अपना तन, मन और जीवन देश की स्वतन्त्रता के लिए लगा दिया। असहयोग आन्दोलन, नमक सत्याग्रह और सन् 1942 का आन्दोलन इसके प्रमाण हैं।
3. दृढ़ आत्मविश्वासी: उनका विश्वास है कि शासित की स्वीकृति के बिना शासक कुछ नहीं कर सकता। इसी बल पर वे अंग्रेज़ी शासन से टकराते हैं।
4. मानवतावादी: वे सारी मानवता को एक मानते हैं। दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद का विरोध उनकी इसी भावना का फल है।
5. धीरोदात्त नायक: उनमें मानवीय दुर्बलताएँ हैं, पर ईमानदारी, सरलता और लगन से वे उन पर विजय पा लेते हैं। उनमें दम्भ या पाखण्ड नहीं है।

निष्कर्ष:
इस प्रकार ‘आलोकवृत्त’ में गाँधीजी सत्यनिष्ठ, अहिंसक, देशभक्त और मानवता के प्रेमी धीरोदात्त नायक के रूप में चित्रित हैं।
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