Question:

'त्यागपथी' खण्डकाव्य के आधार पर 'हर्षवर्द्धन' का चरित्र-चित्रण कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रस्तावना:
रामेश्वर शुक्ल ‘अंचल’ के खण्डकाव्य ‘त्यागपथी’ का नायक थानेश्वर-नरेश हर्षवर्द्धन है। कवि ने इतिहास की घटनाओं से उसे एक आदर्श पुत्र, भाई और महान् त्यागी शासक के रूप में गढ़ा है।

चरण 2: हर्षवर्द्धन के चरित्र की विशेषताएँ:
1. आदर्श पुत्र: पिता प्रभाकरवर्द्धन के रोगी होने का समाचार पाते ही वह आखेट छोड़कर लौट आता है और सेवा में लग जाता है।
2. आदर्श भाई: बड़े भाई राज्यवर्द्धन की हत्या के बाद वह बहन राज्यश्री को खोजने वन में जाता है और उसे आत्मदाह से बचा लेता है।
3. वीर योद्धा: वह शत्रुओं को हराकर कन्नौज पर अधिकार करता है और कश्मीर, पंजाब, मिथिला आदि को जीतता है।
4. देश-प्रेमी: वह छोटे-छोटे राज्यों को जोड़कर एक विशाल राष्ट्र बनाता है। उसका उद्देश्य अपना राज्य बढ़ाना नहीं, देश को एक करना है।
5. महान् त्यागी और दानी: राजकोष को वह प्रजा की सम्पत्ति मानता है। प्रयाग में सर्वस्व दान करके बहन से माँगकर वस्त्र पहनता है।

चरण 3: निष्कर्ष:
इस प्रकार हर्षवर्द्धन वीर, न्यायप्रिय, धर्मपरायण और त्याग की साक्षात् मूर्ति है। ‘त्यागपथी’ नाम उसके चरित्र पर पूरी तरह ठीक बैठता है।
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