Question:

'मुक्तियज्ञ' के कथानक का संक्षिप्त वर्णन कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: काव्य का स्वरूप:
‘मुक्तियज्ञ’ सुमित्रानन्दन पन्त की रचना है। इसमें गांधी-युग की उन घटनाओं का वर्णन है जिनसे भारत स्वतन्त्र हुआ।

चरण 2: संक्षिप्त कथानक:
काव्य में देश की पराधीनता से मुक्ति के लिए चले संघर्ष का क्रम है। सबसे पहले नमक-कानून के विरोध में गांधीजी साबरमती आश्रम से दाण्डी तक चौबीस दिन की यात्रा करके समुद्र-तट पर नमक बनाते हैं। इसके बाद देशभर में जन-आन्दोलन फैलता है, जेलें सत्याग्रहियों से भर जाती हैं और विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार होता है।
साइमन कमीशन का पूरे देश में विरोध होता है। सन् 1942 में गांधीजी ‘भारत छोड़ो’ का नारा देते हैं और पूर्ण स्वतन्त्रता की माँग करते हैं। सुभाषचन्द्र बोस द्वारा आजाद हिन्द सेना के गठन का भी उल्लेख आता है।
अन्त में सन् 1947 में देश स्वतन्त्र होता है, किन्तु अंग्रेज उसे भारत और पाकिस्तान में बाँट जाते हैं। हिंसा से दुःखी गांधीजी अनशन करके सत्य, अहिंसा और साम्प्रदायिक एकता का सन्देश देते हैं।

निष्कर्ष:
यह कथा सत्य और अहिंसा के बल पर मिली स्वतन्त्रता की गाथा है।
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