Question:

'श्रवणकुमार' खण्डकाव्य के नायक की चारित्रिक विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: नायक का परिचय:
डॉ. शिवबालक शुक्ल रचित ‘श्रवणकुमार’ खण्डकाव्य के नायक श्रवणकुमार हैं। वे अपने अन्धे माता-पिता के आदर्श सेवक हैं। पूरा काव्य उन्हीं के जीवन और उनकी मृत्यु की करुण घटना पर आधारित है।

चरण 2: चारित्रिक विशेषताएँ:
1. मातृ-पितृ भक्त: वे प्रातःकाल से सायंकाल तक अपने नेत्रहीन माता-पिता की सेवा में लगे रहते हैं।
2. सत्यवादी और निर्भीक: मृत्यु के समय भी वे राजा दशरथ के सामने सच्ची बात कहते हैं और घटना बताते हैं।
3. क्षमाशील: दशरथ के बाण से घायल होने पर भी वे उन पर क्रोध नहीं करते, बल्कि उन्हें सान्त्वना देते हैं।
4. अतिथि-सत्कार करने वाले: वे आश्रम में आने वालों का सम्मान करते हैं और धर्म का पालन करते हैं।
5. परोपकारी और सन्तोषी: वे सादा तपस्वी जीवन जीते हैं और माता-पिता की चिन्ता में ही अपना अन्तिम क्षण बिताते हैं।

निष्कर्ष:
श्रवणकुमार आदर्श पुत्र, त्यागी और क्षमाशील तपस्वी के रूप में चित्रित हैं। उनका जीवन हर पुत्र के लिए प्रेरणा है।
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