List of top Questions asked in CBSE CLASS XII- 2025

निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्पों को चुनकर लिखिए : 
भक्तिन की कंजूसी के प्राण पूंजीभूत होते-होते पर्वताकार बन चुके थे; परंतु इस उदारता के डायनामाइट ने क्षणभर में उन्हें उड़ा दिया । इतने थोड़े रुपयों का कोई महत्व नहीं; परंतु रुपयों के प्रति भक्तिन का अनुराग इतना प्रख्यात हो चुका है कि मेरे लिए उसका परित्याग मेरे महत्व की सीमा तक पहुँचा देता है । भक्तिन और मेरे बीच में सेवक-स्वामी का संबंध है, यह कहना कठिन है; क्योंकि ऐसा कोई स्वामी नहीं हो सकता, जो इच्छा होने पर भी सेवक को अपनी सेवा से हटा न सके और ऐसा कोई सेवक भी नहीं सुना गया, जो स्वामी के चले जाने का आदेश पाकर अवज्ञा से हँस दे । भक्तिन की नौकर कहना उतना ही असंभव है, जितना अपने घर में बारी-बारी से आने-जाने वाले अँधेरों-उजालों और आँगन में फूलने वाले गुलाब और आम को सेवक मानना ।

नक्शों में जंगल हैं पेड़ नहीं
नक्शों में नदियाँ हैं पानी नहीं
नक्शों में पहाड़ हैं पत्थर नहीं
नक्शों में देश है लोग नहीं
समझ ही गए होंगे आप कि हम सब
एक नक्शे में रहते हैं

हमारी एड़ियाँ और चप्पलों से लेकर
वर्दियाँ और चोटों के निशान
नज़र और स्मृतियाँ सहित नप चुके हैं
और नक्शे तैयार हैं

नक्शों में नदियाँ अब भी कितनी
साफ़ हैं और चमकदार
कहली हुई
'हमें तो अब यही अच्छा लगता है'

नक्शों में गतियाँ हैं, लक्ष्य हैं, दिशाएँ हैं
अतीत हैं, भविष्य हैं और सब तरह के रंग
वहां नहीं है
बाज़ार की रोटियाँ और धनिये-पुदीने की चटनी तक
नक्शों में आ चुकी है
नक्शे की एक बस्ती बर्बरता हमसे पूछते हैं
'भाई साहब,
कहां' हम नक्शे से बाहर तो नहीं छूट जायेंगे'