Question:

'वयं विपत्तौ अपि _______।' इत्यत्र रिक्तस्थानं पूरयत ।

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संस्कृत में वाक्य रचना का मूल नियम है 'कर्ता यत् पुरुषवचनयोः, क्रिया अपि तत् पुरुषवचनयोः' अर्थात् कर्ता जिस पुरुष और वचन का होता है, क्रिया भी उसी पुरुष और वचन की होती है।
Updated On: Jan 16, 2026
  • हसिष्यन्ति
  • हसिष्यामः
  • अहसन्
  • हसन्ति
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collegedunia
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न कर्ता और क्रिया के बीच पुरुष और वचन के सही मेल पर आधारित है। वाक्य का कर्ता 'वयम्' (हम सब) है, जो 'अस्मद्' सर्वनाम का उत्तम पुरुष, बहुवचन रूप है। इसलिए, क्रिया भी उत्तम पुरुष, बहुवचन में होनी चाहिए।
Step 2: Detailed Explanation:
आइए दिए गए क्रिया रूपों का विश्लेषण करें:

हसिष्यन्ति: 'हस्' धातु, लृट् लकार (भविष्यत् काल), प्रथम पुरुष, बहुवचन। (कर्ता: ते/ताः/तानि)
हसिष्यामः: 'हस्' धातु, लृट् लकार (भविष्यत् काल), उत्तम पुरुष, बहुवचन। (कर्ता: वयम्)
अहसन्: 'हस्' धातु, लङ् लकार (भूतकाल), प्रथम पुरुष, बहुवचन। (कर्ता: ते/ताः/तानि)
हसन्ति: 'हस्' धातु, लट् लकार (वर्तमान काल), प्रथम पुरुष, बहुवचन। (कर्ता: ते/ताः/तानि)
चूंकि वाक्य का कर्ता 'वयम्' है, क्रिया उत्तम पुरुष, बहुवचन में होनी चाहिए। 'हसिष्यामः' एकमात्र विकल्प है जो इस शर्त को पूरा करता है। वाक्य का अर्थ होगा: "हम सब विपत्ति में भी हँसेंगे।"
Step 3: Final Answer:
अतः, रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए सही क्रिया रूप 'हसिष्यामः' है।
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