"वर्षा क्या आई, झड़ी लग गई। इतना पानी कि चारों तरफ ......." इस विषय को आगे बढ़ाते हुए लगभग 100 शब्दों में लघु-कथा लिखिए।
वर्षा क्या आई, झड़ी लग गई। चारों ओर पानी ही पानी फैल गया। सड़कों पर मिट्टी और कचरे का ढेर, घरों के आंगन जलमग्न, और बच्चों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। बारिश ने जैसे सभी को अपने संग नचा दिया।
रामू काका की परचून की दुकान में पानी घुस आया। उनका चेहरा चिंता से भर गया — सारा सामान खराब होने की कगार पर था। तभी पास के स्कूल के कुछ छात्र मदद के लिए दौड़ पड़े। उन्होंने मिलकर दुकान से पानी निकाला, भीगे सामान को बचाया और बोरियाँ लगाकर दुकान की रक्षा की।
रामू काका की आँखों में आँसू थे, लेकिन वे आँसू कृतज्ञता और आशा के थे। उन्होंने मुस्कराकर कहा, “अब भी इंसानियत जिंदा है।”
इस झड़ी ने सिर्फ धरती को नहीं, दिलों को भी भिगो दिया।
आप गगनदीप सिंह/गगनदीप कौर हैं। सार्वजनिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहन देते हुए तथा इसके उपयोग के पक्ष में पर्याप्त तर्क देते हुए 'दैनिक हिंदी' अख़बार के संपादक को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए।
आप गगनदीप सिंह/गगनदीप कौर हैं। आपकी माँ कार्यालय के काम से कुछ दिनों के लिए दूसरे शहर गई हैं और उनकी अनुपस्थिति में आपको घर की व्यवस्था सँभालनी पड़ रही है। अपने अनुभव और कठिनाइयों को व्यक्त करते हुए उन्हें 100 शब्दों में पत्र लिखिए।
जीवन का सच्चा सुख संयम में...
संकेत बिंदु – संतोष का महत्व • इच्छा नियंत्रण • सुखी जीवन का आधार
