Question:

उपमालङ्कारस्य लक्षणम् एतत् क्रमेण व्यवस्थापयत । 
(A) उपमा 
(B) वाक्यैक्य 
(C) साम्यम् 
(D) द्वयोः 
(E) वाच्यमवैधर्म्यम् 
अधोलिखितेषु विकल्पेषु उचिततमम् उत्तरं चिनुत-

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प्रमुख अलंकारों (उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, श्लेष, अनुप्रास, यमक, अर्थान्तरन्यास) के लक्षण और एक-एक प्रसिद्ध उदाहरण याद कर लें। यह अलंकारों से संबंधित प्रश्नों को हल करने में बहुत सहायक होगा।
Updated On: Jan 16, 2026
  • (C), (E), (B), (A), (D).
  • (E), (A), (C), (B), (D).
  • (B), (A), (D), (C), (E).
  • (C), (B), (E), (D), (A).
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The Correct Option is A

Solution and Explanation

Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न उपमा अलंकार के लक्षण को सही क्रम में व्यवस्थित करने से संबंधित है।
Step 2: Detailed Explanation:
आचार्य मम्मट द्वारा काव्यप्रकाश में दिया गया उपमा अलंकार का लक्षण है:
"साधर्म्यमुपमा भेदे" और विश्वनाथ द्वारा साहित्यदर्पण में दिया गया लक्षण है:
"साम्यं वाच्यमवैधर्म्यं वाक्यैक्ये उपमा द्वयोः।"
प्रश्न में दिए गए खंड विश्वनाथ के लक्षण से हैं। आइए इसे सही क्रम में व्यवस्थित करें:

साम्यम् \rightarrow (C)
वाच्यमवैधर्म्यम् \rightarrow (E)
वाक्यैक्य \rightarrow (B)
उपमा \rightarrow (A)
द्वयोः \rightarrow (D)
इस प्रकार, सही क्रम C, E, B, A, D बनता है। लक्षण का अर्थ: दो वस्तुओं (उपमेय और उपमान) में, वैधर्म्य (अंतर) के होते हुए भी, जब समानता (साम्य) को स्पष्ट रूप से (वाच्य) एक ही वाक्य में कहा जाए, तो वह उपमा अलंकार होता है।
Step 3: Final Answer:
अतः, सही क्रम (C), (E), (B), (A), (D) है, जो विकल्प (1) में दिया गया है।
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