Step 1: Understanding the Question:
प्रश्न में एक सूक्ति दी गई है और पूछा गया है कि यह किस पाठ से ली गई है।
Step 2: Detailed Explanation:
"सिद्ध्यसिद्धयोः समो भूत्वा समत्वं योग उच्यते" यह श्रीमद्भगवद्गीता के दूसरे अध्याय का 48वाँ श्लोक है।
इसका अर्थ है - "सिद्धि (सफलता) और असिद्धि (असफलता) में समान होकर (कर्म कर), (यह) समत्व ही योग कहलाता है।"
चूँकि यह सूक्ति गीता से है, इसलिए यह आपके पाठ्यक्रम के 'गीतामृतम्' नामक पाठ से उद्धृत है।
अतः, विकल्प (B) सही है।