Question:

शार्दूलविक्रीडित-छन्दसः लक्षणमेतत् क्रमेण व्यवस्थापयत । 
(A) सजौ 
(B) शार्दूलविक्रीडितम् 
(C) सूर्याश्वैर्यदि 
(D) सततगाः 
(E) मः 
अधोलिखितेषु विकल्पेषु उचिततमम् उत्तरं चिनुत -

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प्रमुख छन्दों (अनुष्टुप्, इन्द्रवज्रा, उपेन्द्रवज्रा, उपजाति, वंशस्थ, वसन्ततिलका, मालिनी, मन्दाक्रान्ता, शिखरिणी, शार्दूलविक्रीडित, स्रग्धरा) के लक्षण श्लोकों को कंठस्थ कर लें। यह छन्द पहचानने और इस तरह के प्रश्नों को हल करने में मदद करेगा।
Updated On: Jan 16, 2026
  • (A), (B), (C), (D), (E).
  • (B), (E), (C), (A), (D).
  • (C), (E), (A), (D), (B).
  • (E), (B), (C), (A), (D).
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The Correct Option is C

Solution and Explanation

Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न शार्दूलविक्रीडित छन्द के लक्षण को सही क्रम में व्यवस्थित करने से संबंधित है। छन्दों के लक्षण श्लोकों में दिए होते हैं जिन्हें याद करना होता है।
Step 2: Detailed Explanation:
शार्दूलविक्रीडित छन्द का लक्षण है:
"सूर्याश्वैर्यदि मः सजौ सततगाः शार्दूलविक्रीडितम्।" इस लक्षण को दिए गए खंडों में तोड़कर सही क्रम में लगाना है।

सूर्याश्वैर्यदि \rightarrow (C)
मः \rightarrow (E)
सजौ \rightarrow (A)
सततगाः \rightarrow (D)
शार्दूलविक्रीडितम् \rightarrow (B)
इस प्रकार, सही क्रम C, E, A, D, B बनता है। लक्षण का अर्थ: 'यदि' सूर्य (12) और अश्व (7) पर यति हो, और गण क्रमशः 'म'गण, 'स'गण, 'ज'गण, 'स'गण, 'त'गण, 'त'गण और एक गुरु वर्ण हो, तो उसे शार्दूलविक्रीडित छन्द कहते हैं। (कुल 19 वर्ण)।
Step 3: Final Answer:
अतः, सही क्रम (C), (E), (A), (D), (B) है, जो विकल्प (3) में दिया गया है।
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