'संचयन' पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40-50 शब्दों में लिखिए: 'खेलकूद बच्चों को अनुशासित, सक्रिय और मिलनसार बनाता है।' – इस कथन पर अपने विचार 'सपनों के से दिन' पाठ से उदाहरण देते हुए लिखिए।
‘खेलकूद बच्चों को अनुशासित, सक्रिय और मिलनसार बनाता है’ – विचार
‘सपनों के से दिन’ पाठ में खेलकूद की महत्ता पर प्रकाश डाला गया है। खेलकूद बच्चों को न केवल शारीरिक रूप से सक्रिय बनाता है, बल्कि उनमें अनुशासन की भावना भी विकसित करता है। नियमित खेल से बच्चे समय का पालन करते हैं और अपने कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदार बनते हैं। इसके अलावा, टीम गेम्स में भाग लेने से उनमें सहयोग और मिलनसारिता की भावना पैदा होती है, जिससे वे बेहतर समाजिक संबंध स्थापित कर पाते हैं। पाठ में यह भी दिखाया गया है कि खेलकूद बच्चों को मानसिक रूप से भी मजबूत बनाती है, जो उनके सम्पूर्ण विकास के लिए आवश्यक है। इस प्रकार खेलकूद बच्चों के जीवन का अभिन्न हिस्सा है।
संगतकार' कविता के संदर्भ में लिखिए कि संगतकार जैसे व्यक्तियों के व्यक्तित्व से युवाओं को क्या प्रेरणा मिलती है। किन्हीं दो का वर्णन कीजिए।
'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के आधार पर प्रत्यक्ष अनुभव और अनुभूति को स्पष्ट करते हुए लेखक पर पड़ने वाले इनके प्रभाव को लिखिए। आप दोनों में से किसे महत्त्व देते हैं? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
'साना-साना हाथ जोड़ि...' पाठ में प्रकृति की विराटता का दर्शन है।' - पाठ के दृश्यों के आधार पर इसे स्पष्ट करते हुए लिखिए।
'माता का अँचल' पाठ से बच्चों के किन्हीं दो खेलों और उनके परिवेश का अंतःसंबंध स्पष्ट करते हुए टिप्पणी लिखिए।
फागुन की मनोहारिता मनुष्य के मन पर क्या प्रभाव डालती है? 'अट नहीं रही है' कविता के आधार पर लिखिए।
