चरण 1: पत्र की पहचान:
यह बैंक प्रबन्धक को लिखा जाने वाला आवेदन-पत्र है, जो औपचारिक पत्र की श्रेणी में आता है। इसमें अपना परिचय, व्यवसाय की जानकारी, कितना ऋण चाहिए, उसका उपयोग और चुकाने का आश्वासन देना चाहिए।
चरण 2: आवेदन-पत्र:
प्रेषक:
क ख ग,
12, सुभाष नगर,
वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
दिनांक: 10 अप्रैल, 2026
सेवा में,
प्रबन्धक महोदय,
स्टेट बैंक, मुख्य शाखा,
वाराणसी
विषय: व्यवसाय स्थापित करने हेतु ऋण प्राप्त करने का आवेदन-पत्र।
महोदय,
मैं वाराणसी का निवासी हूँ और स्नातक तक शिक्षा प्राप्त कर चुका हूँ। नौकरी न मिलने के कारण मैं अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करना चाहता हूँ। मैंने कपड़ों की एक दुकान खोलने की योजना बनाई है, जिसके लिए स्थान भी देख लिया है।
दुकान की स्थापना, फर्नीचर और माल खरीदने के लिए मुझे लगभग पाँच लाख रुपये की आवश्यकता है। मेरे पास स्वयं की पूँजी केवल एक लाख रुपये है। शेष राशि के लिए मैं आपके बैंक से ऋण लेना चाहता हूँ। योजना की रिपोर्ट, पहचान-पत्र और निवास प्रमाण-पत्र इस आवेदन के साथ संलग्न हैं।
अतः आपसे प्रार्थना है कि मुझे चार लाख रुपये का ऋण स्वीकृत करने की कृपा करें। मैं बैंक के नियमों के अनुसार किस्तों में ऋण की राशि ब्याज सहित समय पर चुका दूँगा। इस सहायता के लिए मैं आपका सदा आभारी रहूँगा।
भवदीय,
क ख ग
संलग्नक: योजना रिपोर्ट, पहचान-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र
निष्कर्ष:
पत्र में ऋण की आवश्यकता, राशि, उपयोग और चुकाने का वादा स्पष्ट लिखा गया है, जो ऐसे आवेदन के लिए आवश्यक है।