चरण 1: पत्र का प्रकार और रूपरेखा:
यह एक औपचारिक (कार्यालयी) पत्र है, जो नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को लिखा जाना है। इसमें ये बातें क्रम से आनी चाहिए: प्रेषक का पता, दिनांक, प्राप्तकर्ता का पद और पता, विषय, संबोधन, तीन छोटे अनुच्छेदों में मुख्य बात, स्वनिर्देश और नाम।
चरण 2: पत्र:
प्रेषक:
क ख ग,
45, गांधी नगर,
कानपुर (उत्तर प्रदेश)
दिनांक: 15 मार्च, 2026
सेवा में,
स्वास्थ्य अधिकारी,
नगर निगम, कानपुर
विषय: मोहल्ले की नालियों की समुचित सफाई कराने हेतु प्रार्थना-पत्र।
महोदय,
मैं गांधी नगर मोहल्ले का निवासी हूँ। मैं आपका ध्यान अपने मोहल्ले की नालियों की दुर्दशा की ओर दिलाना चाहता हूँ। पिछले एक माह से यहाँ की नालियों की सफाई नहीं हुई है। वे कूड़े और कीचड़ से भरकर जगह-जगह उफन रही हैं।
नालियों का गंदा पानी सड़कों और गलियों में फैल रहा है। इससे भयंकर दुर्गंध उठती है और मक्खी-मच्छर बहुत बढ़ गए हैं। मोहल्ले में मलेरिया, डेंगू और पेट की बीमारियाँ फैलने का खतरा है। कई बच्चे बीमार भी पड़ चुके हैं।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि सफाई कर्मचारियों को भेजकर हमारे मोहल्ले की नालियों की शीघ्र सफाई कराई जाए। साथ ही नालियों में कीटनाशक दवा और चूने का छिड़काव भी कराया जाए। इस कृपा के लिए मोहल्लेवासी आपके आभारी रहेंगे।
भवदीय,
क ख ग
गांधी नगर, कानपुर
निष्कर्ष:
ऊपर लिखा पत्र औपचारिक पत्र के सभी अंगों के साथ पूरा है। इसमें समस्या, उसका कारण और उसके परिणाम बताकर सफाई की माँग की गई है।